गुरुवार शिवरीनारायण के साप्ताहिक बाजार का दिन है.ज्ञातव्य है कि अविभाजित बिलासपुर जिले में सक्ति और शिवरीनारायण के मवेशी बाजार सबसे प्रमुख थे.
गुरुवार के साप्ताहिक बाजार के दिन आम बगीचे में मवेशी बाजार लगता था. जहाँ दूर दूर से व्यापारी और खरीदार आते थे. जमके खरीदारी होने के कारण नगर पंचायत के राजस्व में भी वृद्धि होती थी. यही नहीं इस बाजार के चलते शिवरीनारायण के अन्य व्यापारियों को भी फायदा मिलता था. कई लोग सप्ताह में केवल एक दिन चाय, नाश्ता और पान के ठेले लगाकर इतना कमा लेते थे कि आगामी गुरुवार तक निश्चिन्त हो जाते थे. यही हाल गोबर इकट्ठा करने वाली महिलाओं का होता था क्योंकि बड़ी संख्या में मवेशी आने के कारण उन्हें बड़ी मात्रा में गोबर मिल जाता था जिसके छेने कंडे थापकर वे जीवनयापन करती थीं. लेकिन पंद्रह साल पहले नगर पंचायत और तत्कालीन ठेकेदार के विवाद के चलते यह प्रसिद्ध बाजार महानदी के उस पार गिधौरी में लगने लगा. इससे शिवरीनारायण के व्यापारिक छवि को भी नुकसान पहुंचा और मवेशी बाजार के सहारे रोजगार कर रहे लोगों को भी बड़ा नुकसान हुआ. अब लम्बे अंतराल के बाद नगर पंचायत ने इस बाजार को पुनः शिवरीनारायण में लगाने के लिए निर्णायक पहल की है और इसके लिए नगर के धान मंडी परिसर को चिन्हित कर बड़े पैमाने पर साफ सफाई की जा रही है. इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष राहूल थवाईत ने बताया कि मवेशी बाजार शिवरीनारायण के व्यापारिक पहचान का बड़ा प्रतीक था और इसे दुबारा नगर में लगाना और स्थापित करना हमारी प्राथमिकताओं में से है जिसे हम जन सहयोग से पूरा करेंगे. नागरिकों ने भी मवेशी बाजार के संबंध में नगर पंचायत की पहल का स्वागत किया है.