Thursday, April 23, 2026

शिवरीनारायण में आगामी जनगणना के लिए शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

शिवरीनारायण, 23 अप्रैल – आगामी जनगणना कार्य की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए शिवरीनारायण प्रशासन ने अपनी तैयारियों को तेज़ कर दिया है। 



1 मई से 30 मई तक प्रस्तावित जनगणना कार्य को निष्कलंक और सटीक तरीके से संपन्न करने के उद्देश्य से, तहसील के सेजेस विद्यालय में शिक्षकों और शिक्षिकाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।


         यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एसडीएम , तहसीलदार , और नायब तहसीलदार  की उपस्थिति में हुआ, जिसमें कुल 23 सुपरवाइजर और 127 प्रगणकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जनगणना की प्रक्रिया, फॉर्म भरने की विधि, डिजिटल एंट्री सिस्टम के इस्तेमाल, और फील्ड में उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं के समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रशिक्षण में, प्रशिक्षकों ने जनगणना के दौरान सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों के बारे में शिक्षकों को बताया और इस कार्य को त्रुटिरहित, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि जनगणना कार्य को सही और सटीक आंकड़ों के साथ संपन्न कराया जाए, ताकि समाज के हर वर्ग की वास्तविक स्थिति का सही चित्र सामने आ सके। इस मौके पर नायब तहसीलदार ने कहा, "हमारा प्रयास है कि जनगणना का कार्य बिना किसी गलती के पूरा हो, ताकि सरकार को सही आंकड़े मिल सकें और वह उसी के आधार पर योजनाओं और नीतियों का निर्धारण कर सके। यह जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि हमारे समाज की वास्तविक तस्वीर को सामने लाने का एक अहम कदम है।"।                   

              प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी सुपरवाइजर और प्रगणक जनगणना के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करें और पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्हें आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक समर्थन प्रदान किया जाए। जनगणना कार्य को लेकर शिवरीनारायण प्रशासन की सक्रियता और तत्परता ने स्थानीय समुदाय को विश्वास दिलाया है कि यह कार्य पूर्ण पारदर्शिता और सटीकता के साथ संपन्न होगा।

Wednesday, April 22, 2026

शबरी की अटूट भक्ति पर गुंजेगी राम कथा, तेंदुआ धाम में नौ दिवसीय भव्य आयोजन की तैयारियां तेज

 धार्मिक आस्था और भक्ति का केंद्र बनते जा रहे शिवरीनारायण नगर से लगे ग्राम तेंदुआ धाम स्थित राम मिलेंगे आश्रम में एक बार फिर भक्ति का विराट संगम देखने को मिलेगा।



 यहां 27 अप्रैल से 5 मई तक नौ दिवसीय भव्य श्रीराम कथा का आयोजन होने जा रहा है, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का वातावरण बना हुआ है। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

आयोजन समिति के प्रमुख डॉ. अशोक हरिवंश ने जानकारी देते हुए बताया कि कथा का शुभारंभ 27 अप्रैल को पारंपरिक विधि-विधान और भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। इस कलश यात्रा में बड़ी संख्या में माताएं-बहनें एवं श्रद्धालु शामिल होंगे। यात्रा पूरे नगर में भ्रमण कर आयोजन स्थल पहुंचेगी, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।

इस नौ दिवसीय श्रीराम कथा में देश के सुप्रसिद्ध संत एवं रामकथा वाचक जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज अपने श्रीमुख से कथा का रसपान कराएंगे। वे विशेष रूप से माता शबरी की अटूट श्रद्धा, भक्ति और भगवान श्रीराम के प्रति समर्पण की कथा को विस्तार से प्रस्तुत करेंगे। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और समर्पण का संदेश मिलेगा।

कथा का आयोजन श्रीराम जानकी मंडपम में किया जाएगा, जहां लगभग 5000 श्रद्धालुओं के बैठने की सुसज्जित व्यवस्था की गई है। कथा प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित होगी। इसके साथ ही प्रतिदिन भोग-प्रसाद एवं विशाल भंडारे की भी व्यवस्था रहेगी, जिसमें सभी श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे।

आयोजन को लेकर आश्रम परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की भी विशेष व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसी को असुविधा न हो।

डॉ. हरिवंश ने बताया कि लगभग तीन वर्ष पूर्व इसी आश्रम में जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के करकमलों द्वारा भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण का शिलान्यास किया गया था। अब पुनः उनके आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण है।

राम मिलेंगे आश्रम तेंदुआ धाम के सदस्यों एवं आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों सहित समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पुण्य अवसर का लाभ उठाएं, श्रीराम कथा का श्रवण करें तथा अपने जीवन को धर्म और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करें।

Monday, April 13, 2026

ग्राम पंचायत कामता के शासकीय तालाब पर कब्जे का आरोप, जेसीबी से उत्खनन जारी, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

जांजगीर चांपा जिला के शिवरीनारायण तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कामता में स्थित पुराने शासकीय तालाब पर अवैध कब्जे और उत्खनन का गंभीर मामला सामने आया है।



 ग्रामीणों के अनुसार “जीधन तालाब” के नाम से प्रसिद्ध इस तालाब को गांव के एक कश्यप परिवार द्वारा अपनी पुश्तैनी संपत्ति बताकर कब्जाने की कोशिश की जा रही है। मामले में जेसीबी मशीनों से खुलेआम खुदाई जारी है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि संबंधित परिवार द्वारा जेसीबी और ट्रैक्टर के माध्यम से तालाब की मिट्टी का लगातार उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है। जबकि राजस्व अभिलेखों में उक्त तालाब स्पष्ट रूप से शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है। इसके बावजूद दिनदहाड़े इस प्रकार की गतिविधियां जारी रहना प्रशासन की निष्क्रियता को दर्शाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध उत्खनन से तालाब का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। तालाब क्षेत्र का स्वरूप बिगड़ने से भविष्य में जल संकट की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। वहीं, शासन की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा के तहत इस तालाब का विकास कार्य कराया जा सकता था, जिससे गांव के जरूरतमंद मजदूरों को रोजगार मिलता, लेकिन निजी लाभ के लिए इसे नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

ग्रामवासियों का आरोप है कि मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। प्रशासन की चुप्पी से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और पूरे मामले में मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।


*ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:*


शासकीय तालाब से अवैध कब्जा तत्काल हटाया जाए


जेसीबी मशीन और ट्रैकर से परिवहन हो रहे उत्खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए


दोषियों के खिलाफ राजस्व एवं आपराधिक प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए


मनरेगा के तहत तालाब का वैज्ञानिक तरीके से विकास कार्य कराया जाए


ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रशासन द्वारा जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक संज्ञान लेकर ठोस कदम उठाता है या फिर शासकीय संपत्ति पर इस तरह का अतिक्रमण यूं ही जारी रहेगा।

Saturday, April 4, 2026

शासकीय बालक पूर्व माध्यमिक शाला शिवरीनारायण में ‘न्योता भोज’ का भव्य आयोजन, बच्चों में दिखा उत्साह

जांजगीर-चांपा जिला के शासकीय बालक पूर्व माध्यमिक शाला शिवरीनारायण में ‘न्योता भोज’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।



 इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। 

विद्यालय परिसर में इस दौरान उत्सव जैसा माहौल बना रहा। बच्चे अनुशासन के साथ पंक्तिबद्ध होकर भोजन ग्रहण करते नजर आए और इस पहल की सराहना की। ‘न्योता भोज’ योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के लोगों को विद्यालय से जोड़ना तथा बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाना है।

प्रधान पाठक ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि ‘न्योता भोज’ एक प्रेरणादायक पहल है, जिसमें कोई भी व्यक्ति अपने विशेष अवसर—जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या अन्य खुशी के मौके पर—विद्यालय में आकर बच्चों को भोजन करा सकता है। इससे समाज और विद्यालय के बीच संबंध मजबूत होते हैं और बच्चों को अतिरिक्त पोषण भी प्राप्त होता है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में आत्मीयता की भावना विकसित होती है तथा वे समाज के प्रति जुड़ाव महसूस करते हैं। विद्यालय परिवार इस पहल को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। 

इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिंहा ने कहा कि ‘न्योता भोज’ जैसी योजनाएं बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे न केवल बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलता है, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ती है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में इस पहल से जुड़ने और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सहयोग करने की अपील की। 

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया। 

इस अवसर पर हरिराम जायसवाल डीएमसी जांजगीर ,नवागढ़ ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अशोक पाटले, नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत, समस्त पार्षदगढ़, प्रधान पाठक ओमप्रकाश शर्मा,  द्रोपदी केशरवानी,बुद्धेश्वर केशरवानी, डॉ धर्मेन्द्र राम ,ओम प्रकाश साहू,मनोज तिवारी ,बसंत देवांगन, कोमल साहू, तेरस राम कुर्रे, सत्यनारायण यादव एवं रेशमा उरांव अमन,मनीराम, मनमोहन महिलांगे अजय खन्ना सहित जनप्रतिनिधि अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Monday, March 23, 2026

यूएनआई मुख्यालय के पत्रकारों-कर्मचारियों को पुलिस ने बलपूर्वक बाहर निकाला, परिसर सील

नयी दिल्ली, 21 मार्च (वार्ता) स्वतंत्र भारत के मीडिया के इतिहास में एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में शुक्रवार देर शाम देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया के परिसर को दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के भारी अमले की तैनाती कर बिना किसी पूर्व नोटिस के जबरन खाली करा लिया गया। समाचार एजेंसी का पिछले कई दशकों से 09 रफी मार्ग पर स्थित परिसर से संचालन हो रहा है।



आज अचानक कुछ सरकारी अधिकारी दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 300 जवानों तथा अधिकारियों और कुछ वकीलों के साथ परिसर में घुस आये और कर्मचारियों से तुरंत न्यूजरूम खाली कर परिसर से बाहर जाने का दबाव डालने लगे।

उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश से की जा रही है, लेकिन वे कोई लिखित आदेश दिखा सके। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी आराम से बाहर नहीं निकलते हैं तो उन्हें बल प्रयोग करना पड़ेगा।


कर्मचारियों के कुछ समय देने और कंपनी प्रबंधन के आने का इंतजार करने के अनुरोध तथा नोटिस दिखाने की मांग पर उन्होंने महिला कर्मचारियों सहित कुछ कर्मचारियों को जबरन घसीटकर और धक्का देकर उनकी सीटों से हटाया और न्यूजरूम से बाहर निकाला। इस दौरान उनके साथ गाली-गलौच भी किया गया।

पुलिस अमले ने परिसर के गेट पर कब्जा कर लिया और खबरों के सिलसिले में बाहर गये पत्रकारों और प्रबंधन के अधिकारियों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। वे अपने व्यक्तिगत सामान भी नहीं ले पाये।


यह समझ से परे है कि बिना किसी पूर्व नोटिस के और समाचार एजेंसी के वरिष्ठ प्रबंधन की अनुपस्थिति में कर्मचारियों को परिसर से इस तरह बाहर क्यों किया गया।

इस परिसर को अचानक खाली कराये जाने से यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया की अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू सेवा के करीब 500 से भी अधिक सब्सक्राइबरों को खबरों का प्रेषण अचानक रुक गया। इससे ऐतिहासिक संवाद समिति के अस्तित्व और सैकड़ों कर्मचारियों तथा उनके परिवारों के भविष्य पर भी तलवार लटक गयी है।

Wednesday, March 11, 2026

विधानसभा में गूंजी वन्यजीवों की 'चीख': 24 माह में 9 बाघ और 38 हाथियों की मौत, विधायक शेषराज हरवंश ने पूछा- 'हाथी मित्र दल' क्या कर रहे थे

रायपुर/पामगढ़। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को वन्यजीवों के संरक्षण का मुद्दा गरमाया रहा। 



पामगढ़ से कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने सदन में आंकड़ों के साथ सरकार की घेराबंदी करते हुए वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सरकार के मात्र 24 महीने के अल्प कार्यकाल में रिकॉर्ड संख्या में बाघों, हाथियों और अन्य वन्यजीवों की मौत यह स्पष्ट करती है कि वन विभाग अपने कानूनी कर्तव्यों का पालन करने में पूरी तरह विफल रहा है।


*​24 महीनों का 'डेथ ऑडिट': चौंकाने वाले आंकड़े*

​सदन में प्रस्तुत तारांकित प्रश्न क्रमांक-11 (कुल क्रमांक 1641) के माध्यम से विधायक हरवंश ने बताया कि दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच प्रदेश में वन्यजीवों की मृत्यु की दर डराने वाली है।


​बाघों की मौत: कुल 09 बाघ काल के गाल में समा गए। इनमें से 3 बाघों की मौत समय पर उचित चिकित्सा न मिलने के कारण हुई, वहीं 2 बाघों का अवैध शिकार बिजली के करंट से कर दिया गया।


​हाथियों का तांडव और त्रासदी: इस अवधि में कुल 38 हाथियों की मौत हुई, जिनमें से 13 हाथियों ने बिजली के अवैध करंट के कारण दम तोड़ा।

​अन्य वन्यजीव: अन्य प्रजातियों के 562 वन्य प्राणी अस्वाभाविक रूप से मृत पाए गए।


*​करंट से मौत और 'हाथी मित्र दल' की भूमिका पर सवाल*

​विधायक शेषराज हरवंश ने सदन में तल्ख लहजे में पूछा कि जब वन विभाग के पास बाघों और हाथियों की निगरानी के लिए पूरी ट्रैकिंग टीम और संसाधन उपलब्ध हैं, तो शिकारी उनसे ज्यादा ताकतवर कैसे साबित हो रहे हैं? उन्होंने सवाल उठाया कि, "हाथियों की सुरक्षा के लिए तैनात 'हाथी मित्र दल' इन घटनाओं के वक्त क्या कर रहे थे ?" उन्होंने बिजली विभाग और वन विभाग की सांठगांठ या लापरवाही की ओर इशारा करते हुए पूछा कि अवैध बिजली तार बिछाने वालों के खिलाफ अब तक क्या ठोस कार्रवाई की गई है?


*​सड़कों पर वन्यजीवों का 'शमशान', अंडरपास पर घेरा*


​विधायक ने अन्य प्रजातियों के 562 वन्यजीवों की मौत का मामला उठाते हुए बताया कि इनमें से अधिकांश की मृत्यु वाहनों की ठोकर लगने से हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वन्यजीवों को सड़कों पर मरने से बचाने के लिए क्या भविष्य में अंडरपास बनाने की कोई योजना है या नहीं?


*​पामगढ़ के विकास के लिए भी बुलंद की आवाज*


​वन्यजीवों के साथ-साथ विधायक शेषराज हरवंश ने अपने निर्वाचन क्षेत्र पामगढ़ की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए याचिकाओं की प्रस्तुति भी की। उन्होंने प्रमुखता से निम्नलिखित मांगें रखीं। जिनमें ​पामगढ़ के महाविद्यालय में सेमीनार हॉल का निर्माण।

​ग्राम झिलमिली पहुंच मार्ग का निर्माण। ​पामगढ़ में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के लिए नए भवन का निर्माण। विधायक शेषराज हरवंश द्वारा विधानसभा में उठाए गए इन सवालों ने न केवल वन विभाग की चौकसी की पोल खोल दी है, बल्कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण की नीति पर भी एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। अब देखना यह है कि वन मंत्री इन मौतों की जिम्मेदारी किस पर तय करते हैं।

Friday, February 27, 2026

शिवरीनारायण में नियमित रूप से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय का शुभारंभ

बहुप्रतीक्षित इंतजार के बाद शबरी की पावन धरा शिवरीनारायण में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सुश्री भावना साहू ने आज कार्यालय पहुंचकर नियमित रूप से कार्य प्रारंभ किया



 एस.डी.एम. के कार्यालय आगमन पर अधिवक्ताओं एवं तहसील स्टाफ द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया गया।

इस अवसर पर नवपदस्थ तहसीलदार महेंद्र लहरे एवं नवपदस्थ नायब तहसीलदार चन्द्र कुमार साहू का भी पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

कार्यक्रम में तहसील अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष जितेन्द्र तिवारी सहित गजेन्द्र बंजारे, एम.आर. कश्यप, रामकुमार बर्मन, रामनिवास कश्यप, देव प्रसाद साहू, भुनेश्वर बंजारे, जीवन लाल कश्यप, शिव गोपाल यादव, देव नारायण मांडले, इतवारी यादव, सुभाष मिरी, शिव बंजारे, राकेश साहू, मुख्यालय पटवारी दिलेश्वर प्रसाद कश्यप, रीडर इंदु देवांगन, लतीफ़ निराला, कानूनगो मधुसूदन राठौर, महेंद्र कौशिक, पंकज खूंटले, हेमलता जांगड़े, कोटवार प्रकाश सहीस एवं सिद्धार्थ कश्यप सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

एस.डी.एम. कार्यालय के नियमित संचालन से क्षेत्रवासियों को राजस्व संबंधी कार्यों में अब अधिक सुविधा और त्वरित समाधान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।